What is ssl layer/certificate and how ssl works in Hindi? | (Fully Explained)

What is SSL Layer and How it Works in Hindi?

नमस्कार दोस्तों आज हम आपको SSL Layer के बारे मे बताएँगे की ये क्या होती है और कैसे काम करती है (What is ssl layer/certificate and how ssl works) | दोस्तों आपके लिए SSL Layer के बारे मे जानना बहुत ज़रूरी है क्योंकि यह आपको Hackers से बचने मे मदद करती है | जैसा की आप जानते ही हैं की जैसे जैसे Technology का विकास हो रहा है वैसे-वैसे इसका इस्तेमाल बुरे कामों को अंजाम देने के लिए भी किया जा रहा है | हमे इस दुनिया मे हर किस्म के इंसान देखने को मिलते हैं जिनमे से कई बहुत अच्छे होते हैं जो Technology का इस्तेमाल दूसरे लोगों की भलाई के लिए करते हैं और कई ऐसे भी लोग होते हैं जो सिर्फ अपने फायदे के लिए लोगो को हानि पहुँचाते है जिनमे से कुछ को हम Hackers नाम से जानते हैं |

Who are Hackers?

Hackers वो लोग होते हैं जिन्हें Computers मे कुछ भी करना आता है मतलब की वो इतने माहिर होते हैं की वो Computers द्वारा एक जगह से किसी को भी और कभी भी नुक्सान पहुँचा सकते हैं | अब लोगो को इनसे बचाने के लिए ही SSL Layer का इस्तेमाल किया जाता है, जिससे लोगो की Private या Personal Information Hackers तक नहीं पहुँच पाती है और फिर Hackers लोगों को किसी प्रकार का भी नुक्सान नहीं पहुँचा पाते हैं |

What is SSL Layer in SSL Networking?

SSL की जो Full Form है वो इस प्रकार है - Secure Sockets Layer | इसका इस्तेमाल Web Clients और Web Servers के बीच Secured Communication के लिए किया जाता है और यह इंटरनेट पर सबसे ज़्यादा इस्तेमाल होने वाली Technology है |

यह एक ऐसा Network Protocol है जो Client और Server के बीच Authentication और Communication को Manage करता है | यह एक ऐसा Security System होता है जो की Web Pages मे और Online Applications मे इस्तेमाल होता है | यह आपके Web Page को और आपके Web Page पर डाली गई Information को Encrypt करके Server तक भेजता है जिससे यदि कोई Hacker बीच मे इस Information को चुरा भी लेता है तो उसे आपका Real Username और Password पता नहीं चल पाता है |

दोस्तों आपने देखा होगा की कई Websites के URL के आगे https लिखा होता है और कई Websites के URL के आगे http लगा होता है | इसमें जो https वाली Websites होती हैं वो Mostly किसी Online Banking की Websites होती हैं या फिर ऐसी ही कोई Websites होती हैं जिनमे आपको Login id, Username, Password, Credit/Debit Cards की Details आदि जैसी Personal information को डालना पड़ता है और जिन Websites के URL के आगे https लगा होता है वो बहुत ही Secured Websites होती हैं क्योंकि इन मे Security की एक Extra Layer जुड़ जाती है जिसे हम SSL(Secure Sockets Layer) कहते हैं | वहीँ जिन Websites के URL के आगे केवल http लगा होता है वह Websites Secured नहीं होती हैं इसलिए आपको कभी भी ऐसी Websites मे अपनी किसी भी Personal information को नहीं डालना चाहिए |
इसे भी पढ़ें - What is the difference between http and https protocols in a web address in Hindi?

What are the Components of SSL Layer?

SSL को Mainly 4 Protocols मे Divide किया जाता है |1. SSL Handshake Protocol - इसके द्वारा Client और Server के बीच में Secure Channel establish किया जाता है | ये Protocol Keys और Algorithms की information SSL Record Protocol को Provide करता है | 2. SSL Record Protocol - यह Data को Fragmentation, Compression और Encryption करता है | 3. SSL Alert Protocol - यह Protocols Sessions मे आने वाली Problems(errors) को Alert Messages के द्वारा Represent करता है | 4. SSL Change Cipher Spec Protocol - यह Client और Server द्वारा इस्तेमाल किये जाने वाले Encryption Method को Change करने के लिए इस्तेमाल किया जाता है |

How SSL Works

जब भी Client और Server के बीच मे Connection होता है तो ये एक Initial handshake process के द्वारा start होता है | सबसे पहले Server अपना Digital Certificate Client को Present करता है फिर Client इस Certificate को Public key के द्वारा Authenticate करता है | यह Certificate बताता है की ये जो Server है वो एक Authorized Server है | Server के Authenticate होने के पश्चात Client भी खुद को Authenticate करता है |

जब एक बार Server Authenticate हो जाता है तो Client और Server encryption method को निर्धारित करते हैं | इसमें सिर्फ वही encryption method इस्तेमाल किया जाता है जिसे Client और Server दोनों ही Support करते हों | साथ ही एक Common Key भी Share की जाती है जो Data के Decryption के लिए इस्तेमाल की जाती है | जब भी आप किसी SSL Secure Connection मे enter करते हैं तो http protocol http से https Protocol बन जाता है |

आसान से शब्दों मे आप कुछ इस तरह समझ सकते हैं -

1.) सबसे पहले एक Browser SSL द्वारा सुरक्षित Website से Connect होने की कोशिश करता है |
2.) फिर वह Browser उस Website से खुद को identify करने की Request करता है |
3.) इसके बाद वह Website उस Browser को SSL Certificate की एक Copy भेजती है |
4.) फिर वो Browser यह Check करता है की जो SSL Certificate उस Website ने भेजा है वो सही है या नहीं और यदि वो Certificate सही होता है तो Browser उस Website को एक Message भेजता है और अंत मे वह Website उस Browser को एक Acknowledgement(अभिस्वीकृति) भेजता है और फिर उस Website और Browser के बीच एक SSL Encrypted Session या Connection शुरू हो जाता है |

How SSL Works (Explained in Steps)

Step 1. सबसे पहले Handshake Protocol द्वारा Client और Server एक दूसरे को Authenticate करते हैं |

Step 2. इसके बाद Change cipher spec Protocol के द्वारा encryption method set किया जाता है |

Step 3. इसके बाद SSL Record Protocol के द्वारा SSL को Packets मे Break किया जाता है, Compress किया जाता है और SSL Header Attach किया जाता है और फिर इन Packets को TCP को भेज दिया जाता है |

Step 4. यदि इस Process के दौरान कोई error आती है तो alert protocols इन errors को दिखाता है और इसके साथ साथ alert protocols के द्वारा Connection Terminate करने के लिए Message भी भेजा जाता है |

What is SSL Security (Secure Sockets Layer) Certificate in HTTPS for Websites?

दोस्तों HTTPS के end मे लगे S का मतलब SSL Layer से होता है जिसकी Full Form होती है Secure Sockets Layer और यह एक Encryption Protocol है जो Basically ज्यादातर Websites मे इस्तेमाल होता है क्योंकि इसमें जो Connection बनता है किसी Web Browser और Web Server के बीच वो पूरी तरीके से Secured और Encrypted होता है |

जो SSL होता है वो Web Server और Client के बीच Transmit होने वाले Data को Encrypt कर देता है जिसकी वजह से कोई Third Party या कोई Hacker उसे Hack नहीं कर पाता | इस Transmit होने वाले Data को सिर्फ Web Server और Client ही Recognize(Decrypt) कर पाता है | आपने देखा होगा की जब भी आप किसी E-Commerce, Facebook, Online Banking या ऐसी ही किसी Website को Open करते हैं तो आपको http के आगे S लगा दिखता होगा और ये जो S उन Websites मे लगा होता है उसका मतलब यह होता है की उस Website मे SSL(Secure Socket Layer) Certificate है मतलब की वो Website Secure है, सुरक्षित है |

What is SSL Certificate?

Basically SSL Certificate का मतलब एक ऐसा प्रमाण पत्र होता है जो की कोई Website Owner अपनी Website के लिए लेता है और इस Certificate की मदद से ही किसी Website पर लोगों का विश्वास बना रहता है क्योंकि जो Companies ये Certificate Provide कराती है और जिन Websites मे इन Certificate का इस्तेमाल होता है उन मे Client और Web Server के बीच Transmit होने वाला Data Encrypted Form मे होता है और कोई Hacker उसे Hack नहीं कर पाता |  इन मे से कुछ Website इस प्रकार है - Facebook, Twitter, Online Banking Websites आदि |

From where do we Buy the SSL Certificate and What is the Importance of SSL?

यदि आप किसी ऐसी Website के मालिक हैं जिसमे आप अपने Users को Online Shopping या कोई ऐसी Service Provide कराते हैं जिसमे की User को अपनी किसी Personal information को डालना पड़े तो आपको अपनी Website मे SSL Layer का इस्तेमाल करना चाहिए जिससे की आपकी Website के Users का विश्वास आप पर बना रहे |

वैसे से तो SSL Certificate को बहुत सी बड़ी Web Hosting Companies Provide कराती है जिनमे से कुछ के नाम इस प्रकार हैं - GoDaddy, BigRock, Verisign, Comodo आदि | जब भी हम अपनी Website के लिए किसी Hosting Server को खरीदते हैं तो हमे वो Hosting कंपनी भी SSL Certificate Provide कराती है लेकिन इसके लिए हमे उस कंपनी को थोड़ी ज्यादा रकम चुकानी पड़ती है क्योंकि SSL Certificate का दाम हर Hosting कंपनी मे अलग अलग होता है |

How to Check if a site's connection is secure?

To check a site's security, to the left of the web address, look at the security status
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What each security symbol means

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2. info or Not Secure - The site isn't using a private connection. Someone might be able to see or change the information you send or get through this site.
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On some sites, you can visit a more secure version of the page:
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3. Not Secure or Dangerous - We suggest you don't enter any private or personal information on this page. If possible, don't use the site.
Not secure: Proceed with caution. Something is severely wrong with the privacy of this site’s connection. Someone might be able to see the information you send or get through this site.
You might see a "Login not secure" or "Payment not secure" message.
Dangerous: Avoid this site. If you see a full-page red warning screen, the site has been flagged as unsafe by Safe Browsing. Using the site will likely put your private information at risk.

उम्मीद करते हैं दोस्तों की अब आप समझ गए होंगे - What is ssl layer/certificate and how ssl works.

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