What is Demat Account And How Does It Works in Hindi ?

What is Demat Account And How Does It Works in Hindi ?

नमस्कार दोस्तों आज के इस पोस्ट में हम आपको बताएँगे की Demat Account क्या होता है और यह किस तरह से कार्य करता है (What is Demat Account And How Does It Works in Hindi) | जैसा की दोस्तों आप सभी जानते ही होंगे की इससे पहले हमने आपको Saving Account और Current Account के बारे में जानकारी दी थी क्योंकि बहुत से लोगों को इन Accounts के बारे में पता नहीं होता | 

इसी प्रकार दोस्तों आज के इस पोस्ट में हम आपको एक और Account के बारे में जानकारी देंगे जिसका नाम है Demat Account, जिससे की आपको इस Account के बारे में भी पता चल जाए | इस Account के बारे में जानने से पहले दोस्तों यदि आप चाहें हमारे इस वाले पोस्ट वाले पोस्ट को पढ़कर Saving Account और Current Account के बारे में जान सकते हैं - What is the Difference Between Current Account and Saving Account in Hindi ?

तो दोस्तों यदि आप Demat Account के बारे में जानना चाहते हैं तो फिर इसके लिए आपको हमारे इस पोस्ट को अंत तक पूरा पढना होगा | चलिए दोस्तों अब आपका ज्यादा समय बर्बाद ना करते हुए हम शुरू करते हैं |

What is Demat Account (डीमैट अकाउंट  क्या है) ? 

Demat Account वो Account होता है जिसके द्वारा Share Market (शेयर बाज़ार) में खरीदफरोख्त की जाती है | इस Account को खुलवाने के लिए PAN Card का होना जरुरी होता है और इसे आपके Bank Account से जोड़ दिया जाता है | Demat Account भी Bank Account की तरह ही काम करता है | जैसे Bank Account में पैसों का लेन-देन होता है ठीक उसी तरह से इसमें Shares का लेन-देन होता है | जब Demat Account Open होता है तो इसके साथ एक और Account Open होता है जिसे Trading Account कहा जाता है | ख़रीदे हुए Shares Demat Account में रखे जाते हैं वहीँ शेयर बेचते समय Shares को Demat Account से निकलकर Trading Account द्वारा बेचा जाता है | यह बहुत ज़रूरी होता है क्योंकि ख़रीदा या बेचा गया शेयर इसी में रखा जाता है | इसकी सुरक्षा इलैक्ट्रोनिक (Electronic) तरीके से होती है और यह भी Bank Account की तरह ही Debit और Credit होता है | Demat Account खुलवाने का खर्च 300-700 रुपए के बीच होता है |

दोस्तों 1995 से पहले तक अगर कोई व्यक्ति किसी कंपनी के शेयर खरीदता था तो वो कंपनी उस व्यक्ति को शेयर के कागज़ भेजती थी जो की इस बात का सबूत होते थे कि उस व्यक्ति ने उस कंपनी के शेयर को ख़रीदा हैं और जब वह व्यक्ति उस कंपनी के Shares को बेचता है तो उस व्यक्ति को उस कपंनी के शेयर के कागज़ों को कंपनी के दफ्तर में भेजना होता था | तब वह कंपनी यह देखती थी कि जब आप ने शेयर बेचे तो शेयर का क्या भाव था और फिर उसी हिसाब से वो कंपनी उस व्यक्ति को पैसे देती थी और इसमें बहुत वक़्त लगता जाता था | लेकिन अब इन सब में इतना समय नहीं लगता है क्योंकि अब सब कंप्यूटर की मदद से होता है | मतलब की आपने जैसे ही शेयर खरीदा वह आपके अकाउंट में कुछ देर में ही आ जाएगा और जैसे ही आप ने शेयर बेचा आपका पैसा आपके बैंक अकाउंट में भेज दिया जाएगा |

Documents Required For Opening Demat Account - 

  1. Passport Size Photo.
  2. PAN Card.
  3. Proof of Address.
  4. Cancelled Check.
  5. Last 6 Months Bank Account Statement.
  6. Cheque of Investing Amount.


How Does Demat Account Works (डीमैट खाता किस तरह से काम करता है) ?

दोस्तों जब कोई व्यक्ति शेयर खरीदता है तो Broker (ब्रोकर) उस व्यक्ति के Demat Account में शेयर Credit कर देता है और फिर वो शेयर उस व्यक्ति के Holding की Details में दिखने लगता है | अगर आप Internet-Based Platform से व्यापार करते हैं, तो आप अपनी Holdings को Online देख सकते हैं | जब कोई व्यक्ति शेयर बेचता है तो उसे अपने Broker को Delivery Instructions देने होते हैं, जिसमें उस व्यक्ति को बिके हुए Stock की Details भरनी होती है | उसके बाद आपके Account से शेयर Debit हो जाते हैं और आपको बिके हुए शेयरों के लिए भुगतान किया जाता है | अगर आपको इंटरनेट द्वारा भुगतान किया जाता है तो आपके Account में शेयरों का Debit और पैसों का Credit अपने आप ही दिखने लगता है |

Types of Shares -

  • Common Share - इन्हें कोई भी व्यक्ति खरीद सकता है |
  • Bonus Share - दोस्तों ऐसा मानिए की किसी कंपनी ने इस साल अच्छा मुनाफा कमाया है और वह उस मुनाफे का कुछ हिस्सा अपने शेयर धारको में बाँटना चाहती है, पर वह उन्हें उस के बदले पैसा नहीं देना चाहती है | तो ऐसे में कंपनी उतने पैसे के कुछ और शेयर उस आदमी को दे देगी | कई बार कंपनी यह शेयर धारको पर छोड़ देती है की वो लोग क्या लेना चाहते हैं | अगर आप ने पैसा लिया तो उसे Dividend कहा जाएगा |
  • Preferred Share - ये वो शेयर होते हैं जिन्हें कंपनी कुछ खास लोगों के लिए लाती है | मान लीजिए की किसी कंपनी को पैसे की जरुरत है और वह मार्किट से कुछ पैसा जुटाना चाहती है | तो ऐसे में वो कंपनी जो शेयर जारी करेगी, उन्हें खरीदने का पहला अधिकार कुछ खास लोगो को दिया जाएगा और यह मान लीजिए कि यहाँ वे लोग उस कंपनी में काम करने वाले कर्मचारी है | तो इसका मतलब यह हुआ की केवल उस कंपनी में काम करने वाले कर्मचारी ही इन शेयर को खरीद सकते है | यह बहुत ही ज्यादा सुरक्षित शेयर होते है, अगर कंपनी डूब भी जाए तब भी उन्हें इन शेयर धारको को उनका पैसा लौटना पड़ेगा फिर चाहे इस के लिए कंपनी को अपनी ज़मीन ,मशीन ,बिल्डिंग, आदि चीज़ें ही क्यों ना बेचनी पड़े लेकिन और दुसरे शेयर में ऐसा नहीं होता है |

Benefits of Demat Account (डीमैट अकाउंट के फायदे) ? 

  • डीमैट शेयर गुम नहीं होते |
  • डीमैट शेयर खराब नहीं हो सकते |
  • भौतिक रूपों में शेयर रखने में कोई परेशानी नहीं होती |
  • डीमैट शेयर चोरी नहीं हो सकते |
  • इनमे सिग्नेचर ना मिलने जैसी समस्या भी नहीं होती |
  • डीमैट खातों की वजह से शेयरों की खरीद बिक्री में धोखा होने की संभावना भी समाप्त हो जाती है |
  • हस्तांतरण पर कोई स्टांप ड्यूटी नहीं होती |
  • इसमें आप एक शेयर भी खरीद और बेच सकते हैं |

Who Opens The Demat Account (कौन खुलवाता है डीमैट अकाउंट) ?

भारत में इन दो संस्थाओं पर Demat Account खोलने की ज़िम्मेदारी है - 
  1. National Securities Depository Limited (NSDL).
  2. Central Depository Services Limited (CDSL).
इनके द्वारा विभिन्न Depository Participants की मदद से शेयर आयोजित किए जाते हैं | Depository में Share, Debenture, Bond, Mutual Fund Unit आदि जैसी सुरक्षा होती है | इन डिपोज्रिटीज के करीब 500 से ज्यादा एजेंट हैं जिन्हें Depository Participants (DP) कहा जाता है | यह जरूरी नहीं है कि DP कोई बैंक ही हो | दूसरी वित्तीय संस्थाएं (जैसे Reliance Money, India Infoline, Share Khan, आदि) के पास भी Demat Account खोला जा सकता है |

यह जानना जरूरी है कि जो व्यक्ति खुद शेयर खरीदते-बेचते नहीं हैं उनके ब्रोकर प्रतिनिधि के रूप में खाते का इस्तेमाल कर सकते हैं इन ब्रोकर्स को आप के शेयर ख़रीदने या बेचने पर कुछ फीस मिलती है - कई बार कुछ ब्रोकर इस मुनाफे के लिए आप से बिना पूछे आपका शेयर बेच देते है इसलिए आप अपना ब्रोकर चुनते वक्त सावधानी रखे और अगर आपकी Broker से किसी बात पर लड़ाई होती है तो आप इस की शिकायत SEBI में कर सकते हैं | Demat Account खुलवाने वाले व्यक्ति से DP कई तरह की Fees वसूलता है और यह Fees कंपनी दर कंपनी अलग हो सकती है |

Why Demat Account is Needed (डीमैट अकाउंट की ज़रुरत क्यों हैं) ?

SEBI (Securities and Exchange Board of India ) की Guidelines के अनुसार आप बिना Demat Account के शेयरों को खरीद या बेच नहीं सकते है | इसलिए अगर आपको शेयर बाजार से स्टॉक खरीदना या बेचना है तो आपके पास Demat Account का होना अनिवार्य है |



अगर आपको भारत में शेयर बाजार से शेयर खरीदना या बेचना हो तो डीमैट खाता अनिवार्य है।इसके अलावा अगर आपको अपने शेयरों को Initial Public Offering (IPO) में लागु करना है तो भी आपके पास Demat Account का होना जरूरी है |

Types of Charges in Demat Account -

  • Account Opening Fees - कुछ कंपनियां जैसे ICICI, HDFC, UTI, आदि Demat Account खुलवाने की Fees नहीं लेती है | जबकि कुछ (SBI और KARVI Consultants आदि) इसे वसूलती हैं | वैसे कुछ कंपनियां इसे Refundable (खाता बंद कराने पर लौटा देती हैं) भी रखती हैं |
  • Annual Maintenance Fees - आमतौर पर यह Fees कंपनी साल के शुरुआत में ही ले लेती है औरइसे Folio Maintenance Charge भी कहा जाता है |
  • Custodian Fees - कंपनी इसे हर महीने ले सकती है या फिर एक बारी में ही | यह फीस शेयरों की संख्या पर निर्भर करता है |
  • Transaction Fees - Depository Participants चाहे तो इसे हर Transaction पर चार्ज कर सकता है या फिर चाहे तो Trading की राशि पर (न्यूनतम फीस तय कर) चार्ज कर सकता है |
  • Brokerage Fees - जब आप शेयर को खरीदते हैं या बेचते हैं तो तब आपको यह Fees Broker को देनी होती है फिर चाहे आपको Profit हो या Loss | 
दोस्तों अगर आपको लगता है की आपका Broker आप से ज्यादा चार्ज ले रहा है तो आप उस के पास से अपना Account बंद कर नया Account खुलवा सकते हैं या आपका कहीं Transfer हो गया है जहाँ आप का Broker आपको अपनी सुविधा नहीं दे पा रहा है, तो तब भी आप ऐसा कर सकते हैं | यह पूरी तरह से आप पर निर्भर करता है की आप ऐसा क्यों करना चाहते हैं | दोस्तों आप अपने Demat Account को किसी और के नाम नहीं कर सकते लेकिन आप उसमें के शेयर को किसी और व्यक्ति को दे सकते हैं या उस के Account में Transfer कर सकते हैं पर इसके लिए उस व्यक्ति का Demat Account होना जरुरी है | आप चाहें तो दोस्तों Joint Demat Account भी खुलवा सकते हैं |

Disclaimer - Mutual Fund Investments Are Subject To Market Risk. Read All Scheme Related Documents And Information Carefully Before Investing.

उम्मीद करते हैं दोस्तों की अब आप समझ गए होंगे - What is Demat Account And How Does It Works ?

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