What is Mutual funds and types of mutual funds in Hindi ?

What is Mutual funds and types of mutual funds in Hindi

नमस्कार दोस्तों आज हम आपको बतायेंगे कि What is Mutual funds and types of mutual funds in Hindi  मतलब Mutual Fund क्या होता है और यह कितने प्रक्कर के होते है ?

भारत में ज्यादातर लोग Fixed deposit , Gold , Real Estate को ही Invest का साधन मानते है | मगर Invest का एक और साधन भी होता है | जिसे Mutual fund कहा जाता है | और इस पोस्ट में हम आपको Mutual Fund क्या होता है और यह कितने प्रकार के होते है | यह बताने वाले है यदि आप जानना चाहते है कि Mutual Fund क्या होता है तो इस  पोस्ट को पूरा और ध्यान से पढ़े | 

तो आगे हम आपको बताने वाले है कि Mutual Fund क्या है ?

What is Mutual Fund ?

दोस्तों जैसा की आपको इसके नाम से ही पता चल रहा है की एक Fund में कई लोगों का पैसा लगाया जाता होगा | जब बहुत से लोग मिलकर एक जगह पैसा जमा करते हैं तो वो Mutual Fund का निर्माण करता है | इसमें कई Investors द्वारा पैसा जमा किया जाता है और फिर इन पैसों को एक Fund Manager Share Market और Bond Market में Invest करता है | जब बहुत से Investor मिलकर एक Fund में Invest करते हैं तो उस Fund को बराबर-बराबर हिस्सों में बाँट दिया जाता है और इसे Unit (इकाई) कहा जाता है | Mutual Fund में कई तरीके से Invest किया जाता है, जिसमे Bonds तथा Share Markets प्रमुख हैं | इसके अलावा Gold अथवा अन्य माल (Commodities) में भी Invest किया जाता है | Mutual Fund में Invest करने के लिए आपको आपको Demat Account खोलने की ज़रुरत नहीं पड़ती है |


और यदि आप Demat account के बारे में जानना चाहते है तो इस link में क्लिक कर पोस्ट को जरुर पढ़े | 

उदाहरण - मान लीजिए कि कुछ दोस्त मिल कर एक जमीन का टुकडा खरीदना चाहते हैं | सौ वर्ग गज के जमीन के टुकडे की कीमत दो लाख रुपये है | अब यदि इस फंड को Rs.20 की Units में बांटेंगे तो 10,000 Unit बनेंगे | Investor जितने चाहे उतने Unit खरीद सकता हैं | यदि आपके पास केवल दो हज़ार रुपये Invest करने के लिए हैं तो आप 100 Unit खरीद सकते हैं | उसी अनुपात में आप भी उस जमीन के मालिक होंगे |

अब मान लीजिए की इस 2 लाख के Investment की कीमत एक महीने में बढ़कर 2,20,000 हो गयी | अब इस Investment के अनुसार Unit की कीमत निकाली जाएगी तो 20 रुपये वाली Unit अब 22 रुपये की हो चुकी होगी | जिस Investor ने 2 हजार रुपये में 100 Unit खरीदे थे, अब 22 रुपये प्रति Unit के हिसाब से उसका Investment (100*22) रुपये 2200 हो चूका होगा |

एक Investor भी एक Unit धारक के रूप में जाना जा सकता है | इसमें आप देख सकते हैं की एक Investor जो कि बड़ा Investment नहीं कर पाता, उस के पास छोटे-छोटे Units में Invest करने की सुविधा है | इसके अलावा Mutual Fund का सबसे बड़ा फायदा यह है की जिस Investor को बाज़ार की अधिक जानकारी नहीं होती, वह Experts के हाथ में अपनी Investment छोड़ देता है | फिर Experts ही यह तय करते हैं की कब, कहाँ और कैसे Invest करना है |

अब आगे हम आपको बतायेंगे कि Mutual Fund कितने प्रकार के होते है और इनकी कौन कौन सी Category होती है और अलग अलग प्रकार के Mutual Fund कहा और कैसे Invest करते है और इसमें कितना Risk होता है और यह भी जाननेगे कि कौन सा mutual fund Risk free होता है और किस में अधिक कमाई के मौके आ सकते है | 

और यदि आप Mutual Fund और Fixed Deposit के बारे मे Difference जानना चाहते है तो इस link में क्लिक करे :- What is The Difference Between Fixed Deposit (FD) And Mutual Fund in Hindi ?

Mutual Fund को दो category में Divide किया गया है |

1. Open-ended Scheme. 

2. Close-ended scheme. 

तो पहले हम बात करते है Open-ended scheme के बारे में 

Open-ended scheme:-

के अंतर्गत Investor किसी भी समय Invest Unit को खरीद और बेच सकता है | इसकी कोई भी निश्चित Maturity यानी Valid Date नहीं होती है | इसमें आप जब चाहे अपने Invest को भुना सकते है मतलब Open-ended scheme में Liquidity यानी तरलता रहती है | कुछ Open-ended Fund में Lock in period रहता है जैसे की ELSS scheme इन Period के दौरान आप अपने Units को Redeem नहीं कर सकते है | 

Mutual Fund की Open-ended Funds की category के अन्दर Debt Fund , Liquid Fund , Equity Fund और Balanced Fund आते है | 

Debt Fund:- 

इसमें ज्यादातर Invest Debencher, Government securities , और अन्य Loan Agency में किया जाता है | Debt Fund Equity Fund के नुकाबले कम लाभ देता है | मगर Debt fund में कम Risk होने की वजह से Debt fund एक निश्चित समय में लाभ देता है | एक स्थिर आय चाहने वालों के लिए यह Fund Ideal(आदर्श) हो सकते हैं| 

Liquid Fund:-

Liquid Fund उन Investor के लिए Invest का अच्छा option हो सकता है, जो कम समय के लिए Invest करना चाहते है | और जहाँ उन्हें कम समय में बैंक खाते के मुकाबले अधिक Interest ब्याज मिल सकता है | और आवश्यकता पड़ने पर अपनी पूंजी को नकदी में बदल सकें | Liquid Fund के portfolio का अधिकतर हिस्सा Debt Instrument की Short maturity में Invest किया जाता है | इस Fund को Short Term Fund यानि अल्प अवधि Fund भी कह सकते हैं |

Equity Fund:-  

Equity Fund को Growth Fund भी कहते है | इस Fund में return दुसरे अन्य Fund के तुलना में अधिक मिलता है | अधिक return के साथ-साथ इस Fund में Risk यानि जोखिम भी ज्यादा होता है | यह Equity Fund यानि शेयर बाज़ार से जुड़े होने के कारण इसकी पूंजी का एक बड़ा हिस्सा Equity Fund में Invest होता है | इस Fund का बड़ा हिस्सा  Share market से जुड़ा होता है, इसलिए Stock market में जब बढ़त देखने को मिलती है तो इस Fund का औसत return  भी काफी अच्छा होता है | Equity Fund से मिलने वाला return अस्थिर होता है, क्योंकि इस फंड पर ‘Share market ’ की हलचल का सीधा असर होता है | Equity Fund के Category में INDEX FUND, ELSS FUND , DIVERSIFIED FUND , MID CAP SMALL CAP FUND इत्यादि आते है |

Balanced Fund:-  

Balanced Fund यानि संतुलित फंड में Equity के साथ Debt अथवा Bond और Government Securities में भी Invest किया जाता है | इस Fund में इस बात का खास ध्यान दिया जाता है कि दोनों (Equity और Debt) में Invest बराबर हो | Equity और Debt का ratio कितना है इसके बारे में Fund के offer letter से जाना जा सकता है | Balanced Fund होने के कारण इसमें Investor को बाजार से जुडा Risk काफी कम हो जाता  है | 

Closed-ended Scheme:- 

इस Scheme की शुरुवात में जब NFO ( New Fund Offer ) जारी किया जाता है तब Invest किया जा सकता है | इसमें एक Maturity यानी valid date पहले से होती है | इस Valid date से पहले closed-ended scheme से बहार नहीं निकला जा सकता है और इसलिए ऐसा भी कह सकते है कि इसमें कोई Liquidity यानी तरलता नहीं होती है | Closed-ended scheme में मुख्य रूप से दो तरह के fund होते है 

1. Capital Protection Fund:-

 इसमें Invest किये गए धन को सुरक्षित रखते हुए profit कमाने के लिए Invest किया जाता है | इस Scheme में मुख्या रूप से Fixed Income Securities में Invest किया जाता है मगर एक हिस्सा Equity में भी Invest किया जाता है | इस Fund में Capital को सुरक्षित रखने का दबाव रहता है क्युकी यह एक Closed ended  scheme होती है इसलिए valid समय से ओएहले से Invest किया जाता है | इसलिए Fund Manager के पास अधिक Risk लेनी की संभावाना ही नहीं रहती है | 

2.Fixed Maturity Plan:-

इसमें Maturity का समय पहले से निर्धारित किया जाता है और Debt Instrument में Invest किया जाता है जो Fund की validity के साथ Mature होते रहते है | इस तरह के Funds में भी Charges कम रहते है क्युकी Fund Manager को पहले से दिए गए Instrument में Invest करना होता है | इसलिए Fund Manager के पास अधिक कुछ करने की संभावाना ही नहीं रहती है | 

उम्मीद करते है दोस्तों आप समझ गए होंगे :- What is Mutual funds and types of mutual funds in Hindi 

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